Sunday, 3 March 2019

पायलेट सिद्धार्थ वशिष्ठ शहीद

अभिनंदन के आने की खुशी का इतना इजहार, इतना शोर की
शहीद सिद्धार्थ वशिष्ठ के घर शांति से मातम भी नही मन पायेगा...
आज शव घर पहुंचा है....
पत्नी आरती स्वयं स्क्वाड्रन लीडर है और वर्दी में खुद पति का शव लेने पहुंची...
आरती ने इमोशंस पर इतना कंट्रोल रखा की घर पहुंचने के बाद बिफर के रोई....
हम देशवासी हैं की इमोशंस पर कंट्रोल नही कर पा रहे...
हमे अभिव्यक्त करना ही नही आता...
हमारी समझ कितनी है यार...
जिस रोज 'अभिनंदन' सरहद पार चले गए थे उसी रोज एक और विमान क्रेश हुआ था जिसके पायलेट सिद्धार्थ थे...
जब सारे ही सैनिक हमारे हैं तो हम इतने खुश कैसे हो सकते हैं अभी !
वाघा बॉर्डर नही हुई पिकनिक स्पॉट हो गयी...  जालंधर, अमृतसर, रांची से गए लोगों के लिए अभिनंदन एक सेल्फी कैरेक्टर से ज्यादा कुछ नही...
फेमेली को ढाबो पर खाना खिलाते हुए फेसबुक पर अभिनंदन के साथ की तस्वीरें शेयर करेंगे... और सिद्धार्थ वशिष्ठ के घर मातम चल रहा होगा...

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