सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति कारुण्यगंधने।
लब्ध्वा शुभं होलिकापर्वेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम्।।
भावार्थः – जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदवा करुणा
को जन्म देती है, पुष्प सदैव महकता रहता है,
उसी तरह आने वाला यह होली का पर्व आपके लिए हर दिन,
हर पल के लिए मंगलमय हो।
होली की हार्दिक शुभकामनायें!
"# शिवम् सिंह राजपूत #"
ग्राम : रानीपुर
272 - हैदरगढ़ विधान सभा बाराबंकी ,उ0प्र0 ।